इन 5 मौकों पर दुनिया में देखे गए TIME TRAVELER

 

इन 5 मौकों पर दुनिया में देखे गए TIME TRAVELER
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इम ट्रेवल' या एक समय से दूसरे समय में सफ़र करना एक ऐसा विषय है जिसपर वैज्ञानिकों के बीच खूब सारे मतभेद हैं। हालांकि टाइम, ग्रेविटी और स्पेस पर काम करने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन और स्टीफन हॉकिंग ने इसकी संभावना को कभी नहीं नकारा। आइंस्टाइन की 'जनरल रिलेटिविटी थियरी' और 'स्पेशल रिलेटिविटी थियरी' इसे कई मायनों में संभव भी मानती हैं। 

आइंस्टाइन अपनी थियरी में तर्क देते हैं कि स्पेस तीन डायमेंशन में काम करता है और समय ही इसका चौथा डायमेंशन है। स्पेश के ये तीन डायमेंशन लम्बाई, चौड़ाई और ऊंचाई है जबकि स्पेस को समय एक चौथा आयाम प्रदान करता है। आइंस्टाइन की स्पेशल रिलेटिविटी थियरी के मुताबिक अगर आप काफी तेज गति से प्रकाश के सोर्स की तरफ यात्रा करते हैं तब ये और सपष्ट हो जाता है। ऐसा करने वाले जुड़वा बच्चों में से जो स्पेसशिप में मौजूद है उसकी उम्र तुलनात्मक रूम से कम बढ़ती है। आइंस्टाइन ने तो यहां तक भी कहा है कि ग्रेविटी के साथ छेड़छाड़ कर भी समय को गच्चा दिया जाना संभव है। हालांकि दोनों ही वैज्ञानिकों ने ये माना है कि मनुष्य शरीर टाइम ट्रेवल को झेल पाएगा ये कहना काफी मुश्किल है। 

1. माइक टाइसन का फैन: साल 1995 में उस वक़्त के मशहूर बॉक्सर माइक टाइसन और पीटर मेक्नीली के बीच एक मैच खेला गया। ये मैच एक सामान्य बॉक्सिंग मैच था लेकिन जब इसकी फुटेज को ध्यान से देखा गया तब सभी को इसमें कुछ अटपटा नज़र आया। मैच की इस फुटेज में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एक आदमी स्मार्टफोन जैसी किसी डिवाइस से टाइसन की तस्वीरें उतार रहा है जबकि उस वक़्त काफी बड़े और एंटीना वाले फोन्स के आलावा स्मार्टफोन्स की कल्पना करना भी मुश्किल था। इस फुटेज की जांच की गई लेकिन इसमें किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं पाई गई। 

2. चार्ली चैपलिन की फिल्म: साल 1928 में रिलीज हुई चार्ली चैपलिन की सायलेंट फिल्म 'सर्कस' हिट साबित हुई। काफी सालों बाद जब कोई फैन इसे देखा रहा था तब उसने इस फिल्म के एक दृश्य में एक औरत को मोबाइल फोन जैसी डिवाइस पर बात करते हुए देखा। बाद में फिल्म के इस दृश्य को कई तरह से जांचा-परखा गया और ये फुटेज क्लीन पाई गई। टाइम ट्रेवल के पक्ष में रहे लोगों ने इसे आने वाले समय से भेजे गए किसी सन्देश की तरह माना। हालांकि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए।

3. ब्रिज ओपनिंग वाला टाइम ट्रेवलर: टाइम ट्रेवलर से जुड़ी तस्वीरों के मामले में ये अब तक की सबसे प्रमाणित फोटो मानी जाती है। ये फोटो साल 1941 में ब्रिटिश कोलंबिया के साउथ फ्रोक ब्रिज के उद्घाटन के दौरान ली गई थी। इस तस्वीर में एक युवा पुरुष दिखाई दे रहा है जिसके कपड़े पहनने का अंदाज़ आस-पास खड़े लोगों से काफी अलग है। उसने ग्राफिक टीशर्ट और काले रंग के सनग्लासेस पहने हैं, साथी ही उसके पास आधुनिक DSLR कैमरे जैसी चीज़ भी है। बता दें कि इन तीनों ही चीज़ों का अविष्कार तब तक नहीं हुआ था। इस तस्वीर की भी जांच की गई है और इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं पाई गई। 

4.  एंड्रयू कार्लसन: साल 2013 में न्यूयॉर्क की वॉल स्ट्रीट में एक ही नाम के आदमी की चर्चा गरम थी। ये नाम था एंड्रयू कार्लसन जिसने 800 डॉलर की रकम से शुरुआत कर दो हफ्तों की ट्रेडिंग में ही करीब 24 अरब रुपयों की कमाई कर डाली। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्लसन को इनसाइड ट्रेडिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। कार्लसन ने पुलिस को बताया कि वो जनता था कि कौन शेयर ऊपर जाएगा क्योंकि वो साल 2256 से आया है। पुलिस ने उसकी बात को सीरियसली नहीं लिया। उस पर केस चलता रहा और करीब एक महीने बाद वो बेल पर बाहर आया। इसके कुछ ही दिनों बाद वो और उसकी बेल कराने वाला व्यक्ति गायब हो गए। दोनों में से किसी से जुड़े कोई सबूत या रिकॉर्ड नहीं पाए गए। 

5. रुडोल्फ फेंट्ज़: न्यूयॉर्क पुलिस रिकॉर्ड में भी कई ऐसी घटनाएं दर्ज हैं जिसके बारे में कुछ भी स्पष्टता से कह पाना मुश्किल है। साल 1950 में वॉल स्ट्रीट पर विक्टोरियन समय काल के बालों और कपड़ों वाला एक शख्स दिखाई दिया। वो कुछ परेशान था और सबको घूर-घूर कर देख रहा था। वो सड़क पर था और उसने सामने से आती गाड़ी को ऐसे घूर कर देखा जैसे पहली बार देखा हो। कुछ ही सेकेण्ड बाद इसी गाड़ी से टकराकर उसकी मौत हो गई। इस व्यक्ति की जेब से पुलिस को 19वीं सदी में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ रुपए और 1876 का लिखा एक पत्र और बिजनेस कार्ड बरामद हुआ जिसपर उसका नाम रुडोल्फ फेंट्ज़ लिखा था। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने और इस नाम का आदमी ढूंढने पर पता चला कि साल 1876 में इस नाम का शख्स रहस्यमयी परिस्थितियों में अपने घर से गायब हो गया था। 

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